पृथ्वी की सूर्य के निकटतम दूरी: परिहेलियन और इसके प्रभाव

परिचय

सूर्य की किरणें जब पृथ्वी पर पड़ती हैं, तो हमें गर्मी और प्रकाश मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी सूर्य के कितना निकट आती है? यह दूरी परिहेलियन कहलाती है, जो पृथ्वी की सूर्य के निकटतम बिंदु है। इस लेख में, हम परिहेलियन के बारे में विस्तार से जानेंगे और इसके प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

परिहेलियन एक खगोलीय घटना है, जिसमें पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट आती है। यह दूरी लगभग 147.1 मिलियन किलोमीटर है, जो पृथ्वी की सूर्य से औसत दूरी से लगभग 5 मिलियन किलोमीटर कम है। यह घटना हर साल जनवरी में होती है, जब पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य के निकटतम बिंदु पर पहुंचती है।

परिहेलियन के प्रभाव

परिहेलियन के दौरान, पृथ्वी सूर्य की किरणों को अधिक तीव्रता से प्राप्त करती है, जिससे तापमान में वृद्धि होती है। लेकिन यह वृद्धि इतनी अधिक नहीं होती कि यह मौसम को प्रभावित करे। मौसम पर परिहेलियन का प्रभाव न के बराबर होता है, क्योंकि पृथ्वी की कक्षा एक अंडाकार आकार की है, जिससे सूर्य की दूरी में परिवर्तन होता रहता है।

परिहेलियन के दौरान, पृथ्वी की कक्षा में एक और महत्वपूर्ण घटना होती है, जिसे अफेलियन कहा जाता है। अफेलियन पृथ्वी की सूर्य से दूरतम दूरी है, जो लगभग 152.1 मिलियन किलोमीटर है। यह घटना जुलाई में होती है, जब पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य से दूरतम बिंदु पर पहुंचती है।

परिहेलियन और मौसम

परिहेलियन और अफेलियन के दौरान, पृथ्वी की दूरी सूर्य से बदलती रहती है, लेकिन इसका मौसम पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है। मौसम परिवर्तन के लिए अन्य कारक जिम्मेदार होते हैं, जैसे कि पृथ्वी की अक्ष का झुकाव, महासागरों की धाराएं, और वायुमंडलीय दबाव।

परिहेलियन के दौरान, पृथ्वी की कक्षा में एक और महत्वपूर्ण घटना होती है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है, जिससे सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती हैं। यह घटना दुर्लभ होती है, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा के साथ संरेखित नहीं होती है।

निष्कर्ष

परिहेलियन एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जो पृथ्वी की सूर्य के निकटतम दूरी को दर्शाती है। यह घटना हर साल जनवरी में होती है, जब पृथ्वी अपनी कक्षा में सूर्य के निकटतम बिंदु पर पहुंचती है। परिहेलियन के दौरान, पृथ्वी सूर्य की किरणों को अधिक तीव्रता से प्राप्त करती है, लेकिन इसका मौसम पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है।

परिहेलियन के बारे में जानने से हमें पृथ्वी की कक्षा और सूर्य के साथ इसके संबंधों के बारे में अधिक जानकारी मिलती है। यह ज्ञान हमें खगोल विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करता है और हमें पृथ्वी और सूर्य के बीच के संबंधों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।

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