पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन का महत्व
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 12 जनवरी 2026 को पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन के लॉन्च की घोषणा की। यह इसरो के पीएसएलवी रॉकेट की 64वीं उड़ान और पीएसएलवी-डीएल वेरिएंट की 5वीं मिशन है।
इस मिशन का उद्देश्य ईओएस-एन1 सैटेलाइट को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करना है, जो एक उन्नत दूरसensing सैटेलाइट है। यह सैटेलाइट पृथ्वी की सतह की निगरानी करने और विभिन्न प्रकार के आंकड़ों को इकट्ठा करने में मदद करेगा।
पीएसएलवी-सी62 रॉकेट की विशेषताएं
पीएसएलवी-सी62 रॉकेट 44.4 मीटर लंबा और 260 टन वजनी है। यह रॉकेट 4 चरणों में काम करता है, जो इसे पृथ्वी की कक्षा में सैटेलाइट को स्थापित करने में मदद करता है।
इस रॉकेट की पहली चरण में 6 विकास इंजन हैं, जो इसे पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर निकालने में मदद करते हैं। दूसरी चरण में 1 विकास इंजन है, जो इसे पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने में मदद करता है। तीसरी चरण में 1 विकास इंजन है, जो इसे पृथ्वी की कक्षा में स्थिर करने में मदद करता है। चौथी चरण में 2 विकास इंजन हैं, जो इसे सैटेलाइट को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने में मदद करते हैं।
ईओएस-एन1 सैटेलाइट की विशेषताएं
ईओएस-एन1 सैटेलाइट एक उन्नत दूरसensing सैटेलाइट है, जो पृथ्वी की सतह की निगरानी करने और विभिन्न प्रकार के आंकड़ों को इकट्ठा करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में 720 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा।
इस सैटेलाइट का वजन लगभग 1750 किलोग्राम है और इसका आकार 3.2 मीटर लंबा और 2.2 मीटर चौड़ा है। यह सैटेलाइट 10 वर्षों तक काम करेगा और पृथ्वी की सतह की निगरानी करने में मदद करेगा।
पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन के लाभ
पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन के कई लाभ हैं। यह मिशन पृथ्वी की सतह की निगरानी करने और विभिन्न प्रकार के आंकड़ों को इकट्ठा करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और 10 वर्षों तक काम करेगा।
इस मिशन के लाभों में से एक यह है कि यह पृथ्वी की सतह की निगरानी करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और पृथ्वी की सतह की निगरानी करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट विभिन्न प्रकार के आंकड़ों को इकट्ठा करने में मदद करेगा, जैसे कि पृथ्वी की सतह की तापमान, आर्द्रता और अन्य मौसम संबंधी आंकड़े।
निष्कर्ष
पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन एक महत्वपूर्ण मिशन है, जो पृथ्वी की सतह की निगरानी करने और विभिन्न प्रकार के आंकड़ों को इकट्ठा करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और 10 वर्षों तक काम करेगा।
इस मिशन के लाभों में से एक यह है कि यह पृथ्वी की सतह की निगरानी करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाएगा और पृथ्वी की सतह की निगरानी करने में मदद करेगा। यह सैटेलाइट विभिन्न प्रकार के आंकड़ों को इकट्ठा करने में मदद करेगा, जैसे कि पृथ्वी की सतह की तापमान, आर्द्रता और अन्य मौसम संबंधी आंकड़े।
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