गुरु ग्रंथ साहिब की 169 गायब प्रतियों का पता लगाया गया, सीएम मान ने एसजीपीसी को सौंपने का वादा किया

परिचय

पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की 169 गायब प्रतियों का मामला तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एसजीपीसी को इन प्रतियों को सौंपने का वादा किया है। यह मामला न केवल पंजाब में बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गुरु ग्रंथ साहिब सिख समुदाय का सबसे पवित्र धर्मग्रंथ है, और इसकी प्रतियों का गायब होना समुदाय के लिए चिंता का विषय है। इस मामले में एसजीपीसी और पंजाब सरकार की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

मामले की जांच

इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी ने एसजीपीसी के दफ्तरों में जांच शुरू की है। जांच में पता चला है कि गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियों के रिकॉर्ड में विसंगतियां हैं।

एसआईटी ने गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियों की जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद ली है। विशेषज्ञों ने प्रतियों की जांच के बाद बताया है कि उनमें कुछ विसंगतियां हैं।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

इस मामले में राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी आ रही है। अकाली दल और भाजपा ने इस मामले को 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी इस मामले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों का खंडन किया है। पार्टी के नेताओं ने कहा है कि वे इस मामले को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

निष्कर्ष

गुरु ग्रंथ साहिब की 169 गायब प्रतियों का मामला एक जटिल मुद्दा है। इस मामले में एसजीपीसी और पंजाब सरकार की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। एसआईटी की जांच से पता चला है कि गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियों के रिकॉर्ड में विसंगतियां हैं।

इस मामले का समाधान निकालने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा। सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले का न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए।

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