ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान पर रूस और चीन ने जतायी नाराजगी

ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान की पृष्ठभूमि

हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए तैयार है। इस बयान के बाद, रूस और चीन ने अमेरिका पर निशाना साधा है।

रूस और चीन ने कहा है कि अमेरिका के इस बयान से उनके देशों के हितों को खतरा है। रूस ने कहा कि यह बयान इतिहास में दर्ज हो जाएगा, जबकि चीन ने कहा कि अमेरिका अपने स्वार्थी हितों के लिए चीन को खतरा बताने का बहाना बना रहा है।

ग्रीनलैंड में रूस और चीन के हित

ग्रीनलैंड में रूस और चीन के हितों को समझने के लिए, हमें यह जानना होगा कि यह दोनों देश ग्रीनलैंड में क्या चाहते हैं। रूस और चीन दोनों ही देश आर्कटिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रीनलैंड में रूस के हितों में से एक यह है कि वह यहां के खनिज संसाधनों का दोहन करना चाहता है। ग्रीनलैंड में यूरेनियम, तांबा और जस्ता जैसे खनिज संसाधनों के बड़े भंडार हैं। रूस इन संसाधनों का उपयोग अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए करना चाहता है।

चीन के हित और रणनीति

चीन भी ग्रीनलैंड में अपने हितों को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। चीन ग्रीनलैंड में Rare Earth Elements (REEs) का दोहन करना चाहता है। REEs एक प्रकार का खनिज है जो इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उद्योगों में उपयोग होता है।

चीन ने ग्रीनलैंड में कई परियोजनाओं में निवेश किया है, जिनमें से एक यह है कि वह यहां के Kvanefjeld परियोजना में निवेश कर रहा है। यह परियोजना एक खनन परियोजना है जिसमें REEs का दोहन किया जाएगा।

अमेरिका की रणनीति और इसके परिणाम

अमेरिका की ग्रीनलैंड को खरीदने की रणनीति को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। अमेरिका के इस कदम से रूस और चीन को खतरा महसूस हो रहा है।

अमेरिका के इस बयान के परिणामस्वरूप, रूस और चीन ने अमेरिका पर निशाना साधा है। रूस और चीन ने कहा है कि अमेरिका अपने स्वार्थी हितों के लिए चीन को खतरा बताने का बहाना बना रहा है।

निष्कर्ष

ग्रीनलैंड पर ट्रंप के बयान ने एक नए विवाद को जन्म दिया है। रूस और चीन ने अमेरिका पर निशाना साधा है और कहा है कि अमेरिका अपने स्वार्थी हितों के लिए चीन को खतरा बताने का बहाना बना रहा है।

यह विवाद ग्रीनलैंड के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रीनलैंड में रूस और चीन के हितों को समझने के लिए, हमें यह जानना होगा कि यह दोनों देश ग्रीनलैंड में क्या चाहते हैं।

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