चीन का दावा: ऑपरेशन सिंदूर में मध्यस्थता का सच

shivsankar
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Politics, International Relations

परिचय

हाल ही में, चीन ने दावा किया है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की थी। यह दावा चीन के वरिष्ठ नेता वांग यी द्वारा किया गया है, जिन्होंने कहा है कि चीनी नेताओं ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लेकिन यह दावा विवादास्पद है, और भारत ने इसका खंडन किया है। भारतीय सरकार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं थी, और चीन का दावा निराधार है।

ऑपरेशन सिंदूर: पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान था जो भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुआ था। यह अभियान पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ, और बांग्लादेश का निर्माण हुआ।

इस अभियान के दौरान, पाकिस्तान की सेना ने भारतीय सेना के खिलाफ कई हमले किए, लेकिन भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक उन्हें रोक दिया।

चीन का दावा: मध्यस्थता

चीन का दावा है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की थी। वांग यी ने कहा है कि चीनी नेताओं ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लेकिन यह दावा विवादास्पद है, और भारत ने इसका खंडन किया है। भारतीय सरकार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं थी, और चीन का दावा निराधार है।

निष्कर्ष

चीन का दावा कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की थी, विवादास्पद है। भारत ने इसका खंडन किया है, और कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं थी।

यह मामला भारत-चीन संबंधों में एक नई जटिलता को जोड़ता है, और दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकता है। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएं, ताकि ऐसे विवादों को टाला जा सके।

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