बजट 2026: मध्यम वर्ग के करदाताओं के लिए 7 बड़े बदलाव

मध्यम वर्ग के लिए कर प्रणाली में बदलाव

बजट 2026 ने मध्यम वर्ग के करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। हालांकि कर दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आयकर प्रणाली में कुछ बदलाव हुए हैं जो मध्यम वर्ग को प्रभावित करेंगे। उदाहरण के लिए, नई कर प्रणाली में अब व्यक्तिगत आयकर दरें 5% से 30% तक होंगी, जो पहले 10% से 30% तक थीं।

इसके अलावा, बजट में विदेशी शिक्षा के लिए भुगतान किए गए टीसीएस (सोर्स पर कर कटौती) में कटौती की गई है, जो विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए फायदेमंद होगी। यह बदलाव मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाने के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं।

विदेशी एसओपी पर जुर्माना

बजट 2026 में विदेशी एसओपी (स्टॉक ऑप्शन) पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई व्यक्ति अपने विदेशी एसओपी का खुलासा नहीं करता है, तो उसे 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो विदेशी कंपनियों में काम करते हैं और एसओपी प्राप्त करते हैं।

यह जुर्माना उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अपने विदेशी एसओपी का खुलासा करने में देरी करते हैं। ऐसे मामलों में, जुर्माना 1 लाख रुपये से अधिक हो सकता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि लोग अपने विदेशी एसओपी का खुलासा समय पर करें और जुर्माने से बचें।

टोल विनिर्माण और एमएटी छूट

बजट 2026 में टोल विनिर्माण और एमएटी (मिनिमम अल्टरनेट टैक्स) छूट का प्रावधान किया गया है। यह बदलाव विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।

टोल विनिर्माण में कंपनियां अपने उत्पादों का निर्माण करने के लिए अन्य कंपनियों के साथ समझौता करती हैं। यह समझौता अक्सर विदेशी कंपनियों के साथ होता है, जो अपने उत्पादों का निर्माण करने के लिए भारतीय कंपनियों के साथ समझौता करती हैं। एमएटी छूट का मतलब है कि विदेशी कंपनियों को अपने लाभ पर कम कर देना होगा, जो उन्हें भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित करेगा।

निष्कर्ष

बजट 2026 में मध्यम वर्ग के करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। हालांकि कर दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आयकर प्रणाली में कुछ बदलाव हुए हैं जो मध्यम वर्ग को प्रभावित करेंगे। विदेशी एसओपी पर जुर्माना, टोल विनिर्माण और एमएटी छूट जैसे बदलाव विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए गए हैं।

यह महत्वपूर्ण है कि मध्यम वर्ग के करदाता इन बदलावों को समझें और अपने करों का भुगतान समय पर करें। वे अपने कर सलाहकार से परामर्श करें और सुनिश्चित करें कि वे अपने करों का भुगतान सही तरीके से कर रहे हैं। यह उन्हें जुर्माने से बचने और अपने करों का भुगतान करने में मदद करेगा।

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