बजाज फाइनेंस की तीसरी तिमाही की आय में 6% की गिरावट, नेट इंटरेस्ट इनकम 21% बढ़ी

बजाज फाइनेंस की तीसरी तिमाही की आय में गिरावट

बजाज फाइनेंस की तीसरी तिमाही की आय में 6% की गिरावट दर्ज की गई है, जो 4,066 करोड़ रुपये रही। यह गिरावट श्रम संहिता के प्रभाव और एकमुश्त खर्च के कारण हुई है। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) में 21% की वृद्धि हुई है, जो 7,329 करोड़ रुपये रही।

बजाज फाइनेंस के प्रबंधन ने कहा कि श्रम संहिता के प्रभाव और एकमुश्त खर्च के कारण आय में गिरावट आई है। लेकिन, एनआईआई में वृद्धि से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

नेट इंटरेस्ट इनकम में वृद्धि

बजाज फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम में 21% की वृद्धि हुई है, जो 7,329 करोड़ रुपये रही। यह वृद्धि नए ऋणों की मजबूत वृद्धि और ब्याज दरों में वृद्धि के कारण हुई है।

कंपनी ने कहा कि नए ऋणों की वृद्धि से एनआईआई में वृद्धि हुई है। साथ ही, ब्याज दरों में वृद्धि से भी एनआईआई में वृद्धि हुई है।

श्रम संहिता का प्रभाव

बजाज फाइनेंस की आय में गिरावट श्रम संहिता के प्रभाव के कारण हुई है। श्रम संहिता के तहत, कंपनियों को श्रमिकों के लिए अधिक प्रावधान करने होंगे, जिससे उनकी लागत बढ़ जाएगी।

बजाज फाइनेंस ने कहा कि श्रम संहिता के प्रभाव से उनकी लागत बढ़ जाएगी, जिससे आय में गिरावट आई है। लेकिन, कंपनी ने कहा कि वे श्रम संहिता के प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

निष्कर्ष

बजाज फाइनेंस की तीसरी तिमाही की आय में 6% की गिरावट दर्ज की गई है, जो 4,066 करोड़ रुपये रही। यह गिरावट श्रम संहिता के प्रभाव और एकमुश्त खर्च के कारण हुई है। लेकिन, नेट इंटरेस्ट इनकम में 21% की वृद्धि हुई है, जो 7,329 करोड़ रुपये रही।

बजाज फाइनेंस के प्रबंधन ने कहा कि वे श्रम संहिता के प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं और एनआईआई में वृद्धि से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

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