भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच संबंध
भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में लक्ज़मबर्ग के साथ भारत की साझेदारी पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया।
जयशंकर ने कहा कि भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच संबंध दोनों देशों के लिए फायदेमंद हैं और वे दुनिया भर में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच आर्थिक संबंध मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
पड़ोसी नीति और पाकिस्तान के साथ संबंध
जयशंकर ने पड़ोसी नीति और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
जयशंकर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार के लिए भारत तैयार है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को अपने दावों को पूरा करने की जरूरत है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत और यूरोप की भूमिका
जयशंकर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत और यूरोप की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और वे दुनिया भर में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंध मजबूत हो रहे हैं और दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच सहयोग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा और यह दुनिया भर में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
एस जयशंकर की टिप्पणियों से पता चलता है कि भारत लक्ज़मबर्ग और यूरोप के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंध मजबूत हो रहे हैं और दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा और यह दुनिया भर में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
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