अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी: बांदा बेसिन के नीचे की नई खोजें

shivsankar
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Science

Technology Banda Basin Arc-Continent Collision Zone Seismology Geophysics

परिचय

अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी एक ऐसी तकनीक है जो पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करती है। यह तकनीक पृथ्वी के अंदर से निकलने वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है जो पृथ्वी के विभिन्न भागों से टकराती हैं और वापस आती हैं। इस तकनीक का उपयोग करके, वैज्ञानिक पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में सक्षम होते हैं और यह जानने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

हाल ही में, वैज्ञानिकों ने बांदा बेसिन के नीचे अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी का उपयोग करके एक नए प्रकार की खोज की है। यह खोज पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करेगी और यह जानने में मदद मिलेगी कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी क्या है?

अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी एक ऐसी तकनीक है जो पृथ्वी के अंदर से निकलने वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है। यह तकनीक पृथ्वी के विभिन्न भागों से टकराने वाली ध्वनि तरंगों को रिकॉर्ड करती है और फिर उन्हें वापस आने वाली ध्वनि तरंगों के साथ मिलाती है। यह तकनीक पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करती है और यह जानने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी का उपयोग करके, वैज्ञानिक पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में सक्षम होते हैं और यह जानने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है। यह तकनीक पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करती है और यह जानने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

बांदा बेसिन में अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी

बांदा बेसिन एक ऐसा क्षेत्र है जो पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करता है। यह क्षेत्र पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करता है और यह जानने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

वैज्ञानिकों ने बांदा बेसिन में अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी का उपयोग करके एक नए प्रकार की खोज की है। यह खोज पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करेगी और यह जानने में मदद मिलेगी कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

क्षेत्र गहराई ध्वनि तरंगों की गति
बांदा बेसिन 10-20 किमी 5-7 किमी/सेकंड
पृथ्वी का मैंटल 20-50 किमी 7-10 किमी/सेकंड

इस तालिका में दिखाया गया है कि बांदा बेसिन में ध्वनि तरंगों की गति पृथ्वी के मैंटल की तुलना में कम है। यह इसलिए है क्योंकि बांदा बेसिन में पृथ्वी के अंदर की संरचना अलग है।

निष्कर्ष

अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी एक ऐसी तकनीक है जो पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करती है। यह तकनीक पृथ्वी के विभिन्न भागों से टकराने वाली ध्वनि तरंगों को रिकॉर्ड करती है और फिर उन्हें वापस आने वाली ध्वनि तरंगों के साथ मिलाती है।

बांदा बेसिन में अम्बिएंट नॉइज टोमोग्राफी का उपयोग करके एक नए प्रकार की खोज की गई है। यह खोज पृथ्वी के अंदर की संरचना को समझने में मदद करेगी और यह जानने में मदद मिलेगी कि पृथ्वी के विभिन्न भागों में क्या हो रहा है।

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