चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भारत में भाजपा और आरएसएस अधिकारियों से मिलने के लिए

shivsankar
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International Relations, Politics

परिचय

हाल ही में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भारत में भाजपा और आरएसएस अधिकारियों से मिलने के लिए आया था। यह प्रतिनिधिमंडल 2020 के गलवान झड़प के बाद पहली बार था जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य भाजपा के मुख्यालय में मिले। इस मिलने का महत्व समझने के लिए, हमें भारत और चीन के बीच के संबंधों को देखना होगा।

भारत और चीन दोनों ही एशिया की महाशक्तियां हैं और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच के संबंधों में तनाव और विवाद भी रहे हैं। गलवान झड़प के बाद, दोनों देशों के बीच के संबंधों में तनाव बढ़ गया था।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भाजपा के मुख्यालय में मिलने के लिए आया था। इस प्रतिनिधिमंडल में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ सदस्य शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए आया था।

इस मिलने का उद्देश्य दोनों देशों के बीच के संबंधों को सुधारना और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना था। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के नेताओं से बातचीत की और दोनों देशों के बीच के संबंधों पर चर्चा की।

भाजपा और आरएसएस की प्रतिक्रिया

भाजपा और आरएसएस ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच के संबंधों पर चर्चा की। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच के संबंधों पर चर्चा की।

आरएसएस ने भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच के संबंधों पर चर्चा की। आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच के संबंधों पर चर्चा की।

निष्कर्ष

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भाजपा और आरएसएस अधिकारियों से मिलने के लिए आया था। यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच के संबंधों को सुधारने और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए आया था।

इस मिलने का महत्व समझने के लिए, हमें भारत और चीन के बीच के संबंधों को देखना होगा। दोनों देशों के बीच के संबंधों में तनाव और विवाद भी रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच के संबंधों को सुधारने के लिए यह प्रतिनिधिमंडल एक अच्छा कदम है।

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