टीकाकरण में कमी के कारण
पिछले कुछ वर्षों में, अमेरिका में टीकाकरण के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रम्प और आरएफके जूनियर जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा टीकाकरण के खिलाफ बयानबाजी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। इसके परिणामस्वरूप, कई माता-पिता अपने बच्चों को आवश्यक टीके नहीं लगवा रहे हैं, जिससे समुदाय में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
सीडीसी के अनुसार, टीकाकरण की दर में कमी से रोटावायरस जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। रोटावायरस एक गंभीर बीमारी है जो बच्चों में दस्त और उल्टी का कारण बनती है, जिससे उन्हें गंभीर निर्जलीकरण और अन्य जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
सीडीसी की चेतावनी
सीडीसी ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की है जिसमें उन्होंने माता-पिता और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं से अपील की है कि वे टीकाकरण के बारे में साझा निर्णय लें। इसका मतलब है कि माता-पिता और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता मिलकर यह तय करेंगे कि कौन से टीके बच्चों को लगवाने चाहिए और कब।
लेकिन यह प्रक्रिया जटिल हो सकती है, खासकर जब माता-पिता और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता दोनों ही टीकाकरण के बारे में अलग-अलग राय रखते हैं। इसलिए, सीडीसी ने माता-पिता और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं को शिक्षित करने और उन्हें टीकाकरण के बारे में साझा निर्णय लेने में मदद करने के लिए कार्यक्रम शुरू किए हैं।
लॉस एंजिल्स काउंटी का फैसला
लॉस एंजिल्स काउंटी ने हाल ही में सीडीसी के टीकाकरण दिशानिर्देशों में बदलाव को अस्वीकार कर दिया है। इसका मतलब है कि काउंटी में बच्चों को अब भी उन्हीं टीकों की आवश्यकता होगी जो पहले लगाए जाते थे।
इस फैसले का समर्थन करने वाले अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण दिशानिर्देशों में बदलाव से बच्चों के स्वास्थ्य पर ात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वे यह भी कहते हैं कि सीडीसी के दिशानिर्देशों में बदलाव के पीछे के कारणों को समझने से पहले किसी भी निर्णय पर पहुंचना मुश्किल है।
निष्कर्ष
टीकाकरण में कमी के परिणाम गंभीर हो सकते हैं, खासकर बच्चों के लिए। इसलिए, माता-पिता और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं को टीकाकरण के बारे में साझा निर्णय लेने और बच्चों को आवश्यक टीके लगवाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। सीडीसी के दिशानिर्देशों में बदलाव को समझने और उनके परिणामों को कम करने के लिए भी यह महत्वपूर्ण है।
आइए हम अपने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और उन्हें आवश्यक टीके लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें। हमारे बच्चों का स्वास्थ्य हमारे हाथों में है, और हमें इसकी रक्षा करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
