भारतीय शेयर बाजार में 6 जनवरी को उतार-चढ़ाव का दौर
भारतीय शेयर बाजार में 6 जनवरी को उतार-चढ़ाव का दौर देखा गया, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। सेंसेक्स 376 अंकों की गिरावट के साथ 85,063 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 71 अंकों की गिरावट के साथ 26,178 पर बंद हुआ।
इस गिरावट के पीछे कई कारण थे, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक में बिकवाली शामिल थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट आई, जबकि एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 2% से अधिक की गिरावट आई।
ट्रेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट
ट्रेंट के शेयरों में लगभग 6 वर्षों में सबसे अधिक गिरावट आई, जो 12% से अधिक थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट आई।
इन दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। अन्य कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई, जिनमें आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एसबीआई शामिल थे।
वैश्विक कारकों का प्रभाव
वैश्विक कारकों का भी भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव पड़ा। अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण निवेशकों का भरोसा कम हुआ।
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंताओं के कारण भी निवेशकों का भरोसा कम हुआ। इन सभी कारकों के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार में 6 जनवरी को उतार-चढ़ाव का दौर देखा गया, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक में बिकवाली के कारण गिरावट आई। वैश्विक कारकों का भी प्रभाव पड़ा।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने निवेश निर्णयों के लिए विशेषज्ञों से परामर्श लें और बाजार की स्थिति को ध्यान से देखें।
