गिग इकॉनमी में बदलाव: स्ट्राइक के बावजूद जोमाटो और स्विगी को रिकॉर्ड ऑर्डर

shivsankar
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Business, Technology

गिग इकॉनमी में बदलाव

हाल ही में, भारत में गिग इकॉनमी में एक बड़ा बदलाव देखा गया है, खासकर खाद्य वितरण सेवाओं में। जोमाटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने रिकॉर्ड संख्या में ऑर्डर प्राप्त किए हैं, जो उनकी व्यवसायिक सफलता को दर्शाता है। लेकिन इसी बीच, गिग वर्कर्स द्वारा स्ट्राइक किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

गिग वर्कर्स की स्ट्राइक के पीछे का मुख्य कारण उनकी मुआवजे और काम की स्थितियों से संबंधित है। वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और बेहतर काम की स्थितियों की अपेक्षा कर रहे हैं। लेकिन जोमाटो और स्विगी जैसी कंपनियों का दावा है कि वे अपने गिग वर्कर्स को अच्छा मुआवजा दे रही हैं और उनकी स्थितियों में सुधार कर रही हैं।

जोमाटो और स्विगी की सफलता

जोमाटो और स्विगी ने हाल ही में रिकॉर्ड संख्या में ऑर्डर प्राप्त किए हैं, जो उनकी व्यवसायिक सफलता को दर्शाता है। जोमाटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने बताया कि उनकी कंपनी ने 10 मिनट की डिलीवरी सेवा शुरू की है, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। स्विगी ने भी अपनी डिलीवरी सेवा में सुधार किया है और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान कर रही है।

जोमाटो और स्विगी की सफलता का एक अन्य कारण उनकी तकनीकी क्षमता है। वे अपने प्लेटफ़ॉर्म पर ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। वे अपने गिग वर्कर्स को भी प्रशिक्षित कर रहे हैं ताकि वे ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें।

गिग वर्कर्स की मांगें

गिग वर्कर्स की मांगें मुख्य रूप से उनकी मुआवजे और काम की स्थितियों से संबंधित हैं। वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और बेहतर काम की स्थितियों की अपेक्षा कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि कंपनियां उनकी स्थितियों में सुधार करें और उन्हें बेहतर मुआवजा दें।

गिग वर्कर्स की मांगें वाजिब हैं और कंपनियों को उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनियों को अपने गिग वर्कर्स को बेहतर मुआवजा देना चाहिए और उनकी स्थितियों में सुधार करना चाहिए। इससे गिग वर्कर्स को बेहतर जीवन जीने में मदद मिलेगी और वे अपने काम को बेहतर ढंग से कर पाएंगे।

निष्कर्ष

गिग इकॉनमी में बदलाव के बावजूद, जोमाटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने रिकॉर्ड संख्या में ऑर्डर प्राप्त किए हैं। लेकिन गिग वर्कर्स की मांगें वाजिब हैं और कंपनियों को उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनियों को अपने गिग वर्कर्स को बेहतर मुआवजा देना चाहिए और उनकी स्थितियों में सुधार करना चाहिए। इससे गिग वर्कर्स को बेहतर जीवन जीने में मदद मिलेगी और वे अपने काम को बेहतर ढंग से कर पाएंगे।

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