सांपों की दुनिया लोगों के लिए डरावनी ही नहीं, बल्कि रहस्मयी भी रही है. सांपों को लेकर कई फिल्में भी बन चुकी हैं

उन्‍हें धरती होने वाली तरंगे खतरे की तरह लगती हैं. इन्हीं तरंगों से बचने के लिए वह फन फैला लेते हैं.

त्वचा से लेते हैं हालात का जायजा दरअसल सांप कानों के स्थान पर अपनी त्वचा का इस्तेमाल करता है

नाचते नहीं हैं सांप आपको बता दें कि सांप पूरी तरह बहरा होता है. आपने देखा भी होगा कि सांप (Snake) के शरीर पर कहीं कान नहीं होते हैं. दरअसल सांप कभी सपेरे की बीन की धुन पर नहीं नाचता नहीं है.

सांप का ध्यान उस ओर आकर्षित होता है और सांप उसकी चाल का अनुसरण करता है और हमें यह भ्रम होता है कि सांप नाच रहा है.

वह अपने आसपास के वातावरण में हो रही किसी भी गतिविधि का जायजा अपनी त्वचा पर पड़ रही तरंगों के माध्यम से लेता है.

बीन की धुन सुनकर क्यों नाचते हैं सांप? जानें नागों से जुड़ी इस अफवाह का सच सांपों के बारे में कई ऐसी बातें फेमस हैं, जो सिर्फ फिल्मी ही हैं, लेकिन लोग उसे सच मान लेते हैं. आइए आपको सांपों से जुड़े एक ऐसे तथ्यों के बारे में समझते हैं जिन्हें लेकर आम धारणा थोड़ी अलग है.

सांपों के बारे में कई ऐसी बातें फेमस हैं, जो सिर्फ फिल्मी ही हैं, लेकिन लोग उसे सच मान लेते हैं. आइए आपको सांपों से जुड़े एक ऐसे तथ्यों के बारे में समझते हैं जिन्हें लेकर आम धारणा थोड़ी अलग है.