2016 में लॉन्च किए गए UPI के माध्यम से किए गए भुगतानों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

UPI payment 

कोविड महामारी के समय से ही लोगों ने कार्डलेस व्यवस्था को अपनाया है ! पिछले दो साल में डिजिटल पेमेंट के तहत यूपीआई पेमेंट करने वालों को सुविधा दी गई है !

हालांकि इस सुविधा से स्कैमर्स, फिशिंग और फ्रॉड करने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है ! ठगी करने वाले अपने पैसे को लूटने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं ! 

बैंक में केवाईसी ( E KYC ) और नए ऑफर्स के नाम पर जालसाज अपने बैंक खाते से जुड़ी कुछ जानकारियां मांगते हैं और कुछ ही देर में खाता खाली कर देते हैं।

यहां भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दिए गए कुछ टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है !

भारतीय स्टेट बैंक ने यूपीआई लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ यूपीआई सुरक्षा युक्तियों को साझा करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया ! 

एसबीआई ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, ‘यूपीआई ट्रांजेक्शन या यूपीआई ट्रांजैक्शन करते समय इन यूपीआई सेफ्टी टिप्स को हमेशा याद रखें !

सुरक्षित UPI लेनदेन के लिए SBI ने शेयर किए टिप्स रुपये प्राप्त करते समय अपना यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।

हमेशा उस व्यक्ति की पहचान सत्यापित करें जिसे आप पैसे भेज रहे हैं । किसी भी अज्ञात भुगतान को स्वीकार न करें ! अपना यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें !

क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान ( UPI Payment ) करते समय हमेशा लाभार्थी के विवरण को सत्यापित करें ! अपना यूपीआई पिन नियमित रूप से बदलें !

गौरतलब है कि कोविड के बाद और 4जी नेटवर्क के आने के बाद यूपीआई लेनदेन में इजाफा हुआ है और ग्रामीण इलाकों में भी यूपीआई से भुगतान के आंकड़ों में वृद्धि हुई हैं।

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