Railway Fare: क्यों कम लगता है ट्रेन का किराया, टिकट पर ही लिखा होता वजह, लोग हैं इस बात से अंजान

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न्यूज डेस्क: भारतीय रेलवे अपनी आरामदायक यात्रा और सस्ते किराए के लिए जाना जाता है। देश की आधी आबादी ट्रेन से यात्रा करती है, ताकि कम किराए में अपनी मंजिल तक पहुंच सके। देश में रहने वाले हर किसी की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह अपनी यात्रा के लिए विमान का चयन कर सकें। इसलिए अधिकतर यात्री लंबी यात्रा के लिए ट्रेन को ही अपनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन का किराया इतना कम क्यों है? इसके पीछे का कारण शायद ही आप जानते होंगे, तो आइए जानते हैं।

इस वजह से कम है किराया

रेलवे यात्रियों के यात्रा खर्च का बड़ा हिस्सा खुद वहन करता है और 57 फीसदी तक सब्सिडी देता है। जब भी आप ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं तो टिकट (Train Ticket) पर यह भी लिखा होता है लेकिन ज्यादातर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं। ट्रेन टिकट पर लिखा होता है कि आईआर औसतन लागत का केवल 57% ही वसूल करता है, यानी रेलवे आपकी यात्रा पर होने वाले खर्च का केवल 57% ही वसूल करता है। अब आप समझ गए होंगे कि रेलवे इतना कम किराया क्यों वसूलता है।

रेलवे ने इतने टिकटों पर दी सब्सिडी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस साल राज्यसभा को बताया था कि भारतीय रेलवे ने 2019-20 में यात्री टिकटों पर 59,837 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, जो यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए लगभग 53 प्रतिशत की औसत रियायत है। आपको बता दें कि रेलवे की आय का बड़ा जरिया यात्री किराया नहीं बल्कि माल भाड़ा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 की रिपोर्ट में भारतीय रेलवे ने 2.40 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष से 49,000 करोड़ रुपये अधिक है। इसमें माल ढुलाई से रेलवे को 1.62 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई।

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