Indian Railway : इमरजेंसी में वेटिंग टिकट तुरंत कैसे हो जाता है कंफर्म? जानें – क्या है ट्रेन का HO कोटा….

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Railway HO Quota : ट्रेन में कंफर्म टिकट प्राप्त करने के लिए यात्री महीनों पहले टिकट बुक (Train Ticket Booking) कर लेते हैं। वहीं कई बार यात्रा से एक दो दिन पहले भी टिकट बुक करना पड़ता है। इस स्तिथि कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल होता है।

लेकिन, रेलवे कई क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए कोटा तय कर रखा है। इसमें वीआईपी, मंत्री, विधायक से लेकर पत्रकार कोटा तक शामिल है। लेकिन एक कोटा ऐसा भी है जिसका लाभ इमरजेंसी के वक्त वीआईपी लोगों के साथ साथ आम लोग भी उठा सकते हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में आम यात्री को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। तो आइए इस कोटे के बारे में जानते हैं।

इस कोटा का नाम HO Quota है। इस कोटा की खास बात यह है कि इसमें वेटिंग लिस्ट भी कन्फर्म हो जाती है। दरअसल, एचओ कोटा को हेड क्वार्टर (Head Quarters) या हाई ऑफिशियल ( High Official Quota) कहा जाता है।

टिकट बुकिंग के समय इस कोटा का उपयोग नहीं किया जाता है। इसमें सबसे पहले जनरल वेटिंग लिस्ट का टिकट लेना होता है और उस टिकट को हेड क्वार्टर से कन्फर्म किया जाता है। यह कोटा आपातकालीन स्थिति में यात्रा करने वाले लोगों और वीआईपी लोगों के लिए है। इसका फायदा ज्यादातर वीआईपी लोगों को मिलता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में सामान्य लोग भी इसका फायदा उठा सकते हैं।

आम आदमी को कैसे मिलता है फायदा?

अगर कोई आम आदमी इस कोटा का लाभ लेना चाहता है तो उसे यात्रा की तारीख से एक दिन बाद इसके लिए आवेदन करना होगा। ऐसे में आपको यह साबित करना होगा कि आपको इमरजेंसी में कहीं जाना है और काम बहुत जरूरी है।

इसमें आपको आपातकाल साबित करने वाले सभी दस्तावेज मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक को देने होंगे और इसके लिए एक फॉर्म है, जिसे जमा करना होगा। फिर उस पर राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर कराने होते हैं, तब जाकर सीट पक्की होती है। इसके बाद इसकी जानकारी डिविजनल/जोनल ऑफिस को भेजी जाती है और फिर अप्रूवल के बाद टिकट कन्फर्म हो जाता है।

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