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गोरखपुर को बनाएंगे टेक्सटाइल सेक्टर का हब : योगी

गीडा में उद्योग भवन का अगले माह लोकार्पण कर सकते हैं सीएम

स्वरोजगार के लिए बड़े ट्रेनिंग सेंटर की योजना बना रही प्रदेश सरकार

गोरखपुर : मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर को टेक्सटाइल सेक्टर का हब बनाया जाएगा। लाकडाउन के दौरान सिलाई से जुड़े करीब 12 हजार लोग गोरखपुर आए हैं। इससे उनके सामने रोजगार का संकट नहीं रहेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े ट्रेनिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे, जहां लोगों को प्रशिक्षण देकर अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गोरखपुर आए मुख्यमंत्री से रविवार की सुबह चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजितसरिया एवं पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल मिलने पहुंचे थे। उद्योग जगत की स्थिति पर चर्चा करते हुए उद्यमियों ने टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने की बात रखी। जिसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र को टेक्सटाइल का हब बनाने की कवायद चल रही है। रेडीमेड गारमेंट्स को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रदेश में बड़ी संख्या में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बड़े ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि मंडल ने सुझाव दिया कि बाहर से आए कामगारों को रोजगार देने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) को फ्लैटेड फैक्ट्री बनानी चाहिए, जहां सिलाई से जुड़े ये कामगार अपना काम शुरू कर सकते हैं। 15 साल में धीरे-धीरे करके उस जगह का भुगतान भी कर सकते हैं। इससे वे मालिक बन जाएंगे। उद्यमियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में भी इस तरह का प्रयोग करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में प्रयास करने का आश्वासन देते हुए बड़े उद्यमियों से भी सहयोग मांगा। चैंबर के प्रतिनिधि मंडल ने गीडा के सेक्टर 13 में बने उद्योग भवन के नवम्बर माह में प्रस्तावित लोकार्पण समारोह के लिए मुख्यमंत्री को निमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के लिए हामी भरी है। उम्मीद है कि धनतेरस में लोकार्पण हो सकता है। उन्होंने उद्योग भवन बनाने में चैंबर के प्रयासों की सराहना भी की। चैंबर की ओर से बताया गया कि इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थापित उद्योग भवन का गीडा की स्थापना में बड़ा योगदान रहा है। उद्योग बंधु की संकल्पना भी यहीं से बनी है। चैंबर की ओर से औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि की आवश्यकता की बात भी उठायी गई। उद्यमियों ने कहा कि भूखंडों का समय से विकास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा में लैंड बैंक बढ़ाने की दिशा में प्रयास शुरू हो गए हैं।