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​गोरखपुर का खतरनाक शायर🤣🤣

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गोरखपुर का खतरनाक शायर🤣🤣
तुम्हारे हुस्न के गीतावाटीका में फंसकर

इश्क के रामगढ़ताल मे डूब जाता है😜

दिल धड़कता था कभी घंटाघर सा

अब यादों का पादरी बना जाता है😜

तुम लगती हो जैसे गिलौरी साहेबगंज की 

यहाँ लौग लत्आ सा मुंह हुआ जाता है🤣

तेरी सूरत के गोरक्षपीठ मंदिर को देखकर

मेरा मन भी तारामंडल सा मचल जाता है🤣

चहकती हो तुम गोलघर की शाम सी

मेरा प्यार यहाँ ऊर्दू बाजार सा हुआ जाता हैं😝

तेरी पतली कमर है जैसे गलियाँ बैंक रोड की

उस पर मेरा दिल रूस्तमपुर के जाम सा रुक जाता है😂

बदन है खूबसूरत तुम्हारा बिछिया सा

और ये आशिक नौंसढ की धूल में  की नहाये जाता है।

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