बेबाक राय

प्रज्वलंत

दर्शन

सरकार एवं सरोकार

कुनकुरी का चर्च जशपुर छत्तीसगढ़

Browse By

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में स्थापित महागिरजाघर अपनी कई विशेषताओं के कारण पूरे एशिया में दूसरे स्थान पर है । सबसे बड़ी विशेषता है इसकी बेजोड़ वास्तुकला जो यह एक ही बीम पर बना हुआ है । इसकी विशालता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां एक ही समय पर दस हजार से भी ज्यादा लोग बैठकर प्रार्थना कर सकते हैं । इताना ही नहीं, हर कतार के अन्तिम व्यक्ति को मुख्यपादरी स्पष्ट दिखाई देता है । दिन में सूरज की रोशनी हर कोने तक पहुचती है । इसीलिए दिन में अतिरिक्त रोशनी के लिए बिजली की भी जरुरत नहीं पड़ती । लाखों लोग इसे सालभर देखने आते है । सन 1962 में इसकी आधारशिला रखी गयी और 1964 में यह चर्च पूर्ण हो गया । कुनकुरी का महागिरजाघर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। यह अन्य गिरजाघरों से भव्य एवं अत्यंत सुंदर है। इसकी सुंदरता, सजावट, प्रार्थना भव्यता की चर्चा देश भर में होती है। दिसंबर में यहां ज्यादा लोग देखने आते हैं। इसाई धर्मग्रंथों में सात को पूर्णता का प्रतीक माना गया है। सात संस्कार बपतिस्मा, परम प्रसाद, पाप स्वीकार, दृढ़ीकरण, पुरोहिती करण एवं अंत मिलन होते हैं। इन संस्कारों के साक्षात्कार महागिरजाघरघर में घुसते ही हो जाते हैं। महागिरजाघर के सात दरवाजे सभी के लिए खुले होते हैं। एक छत के नीचे सारे लोगों को समेटते हैं।

 

The post कुनकुरी का चर्च जशपुर छत्तीसगढ़ appeared first on Mor Chhattisgarh.

साभार morchhattigarh

1,004 total views, 1 views today

भारत को बेहतर समझने और हमारी परम्पराओं को देश दुनिया तक पहचाने के हमारे इस प्रयास को प्रोत्साहित करें और हमारा छोटा सा सहयोग करें

अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा तो अपने मित्रों के साथ सोशल मीडिया और WhatsApp पर शेयर कर हमारी सहायता करें

If you found the post useful please share it with your friends on social media and whatsapp

%d bloggers like this: