128 साल पहले ऐसे होता था सिरदर्द का इलाज? तस्वीर देख दिमाग चकरा जाएगा!

monika
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Headache Relief : आज की दुनिया में तो मेडिकल और साइंस ने तो इतनी तरक्की कर ली है कि हर बीमारी का इलाज ढूंढ लिया है। लेकिन कई ऐसी लाइलाज बीमारियां हैं जिनका इलाज असंभव है। लेकिन पहले के जमाने में की कई सारी बीमारियां लोगों को होती थी और उनका इलाज भी किया जाता था।

इनमें कई गंभीर बीमारी है तो कई सामान्य बीमारियां भी शामिल है जैसे सर्दी, सिरदर्द, जुकाम आदि। लेकिन सिर दर्द होने पर आप एक गोली खा लेते हैं और कुछ देर के लिए आपको राहत मिल जाती है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि पहले के जमाने में सिर दर्द का इलाज कैसे होता था?

दरअसल सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर वायरल हो रही है जिसके बाद लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह 128 साल पुरानी है और यह तस्वीर सिर दर्द के इलाज किए जाने की सच्चाई को बताती है। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह सिर दर्द के इलाज करने की एक कला है।

सोशल मीडिया पर तस्वीर को लेकर फैली अफवाह के अनुसार 1895 में जब व्यक्ति सिर दर्द से परेशान होता था, तो वह डॉक्टर या शायद लोहार के पास जाते थे। वह बाद में पीड़ित व्यक्ति के सिर को एक बर्तन में घुसा देता और हथौड़े से उस बर्तन पर मारते थे।

हालांकि, सोशल मीडिया यूज़र ने इस तकनीक को “वाइब्रेशन टेक्नोलॉजी” का नाम दिया है। लेकिन इससे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि यह सिर दर्द दूर करने की कोई ऐतिहासिक पद्धति है। लेकिन ऐसा हो सकता है कि इस तस्वीर को एक मजाकिया तौर पर मिक्स करके बनाया गया हो।

आपको बताने की ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हो। दरअसल इससे पहले भी कई बार यह तस्वीर अलग-अलग कैप्शन के साथ वायरल हो चुकी है। snopes नामक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पोस्ट दावा करते हैं कि इस तस्वीर में नशे का इलाज दिखाया गया है, तो कुछ इसे सिरदर्द का इलाज मानते हैं, लेकिन इस तस्वीर की असलियत का पता अभी तक किसी को सही से नहीं पता है।

फिलहाल इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर @cctvidiots नाम की आईडी से शेयर किया गया है। इस तस्वीर पर लोग अलग-अलग रिएक्शन दे रहे है। कुछ लोगों ने कहा है कि, ‘इस इलाज का अविष्कार करने वाला कोई जीनियस ही होगा।’ वहीं एक व्यक्ति ने मजाक के तौर पर लिखा कि, “क्या इस इलाज को 2023 में वापस शुरू कर सकते है?”



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