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हम जिन सामग्रियों का सेवन करते हैं, उनका हमारे दिमाग के आकार और फिटनेस पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। दिमाग बढ़ाने वाली वजन घटाने की योजना खाने से प्रत्येक छोटी और लंबी अवधि की दिमागी सुविधा में मदद मिल सकती है।

मन एक बिजली-गहराई वाला अंग है, जो फ्रेम की कैलोरी के लगभग 20 प्रतिशत का उपयोग करता है, इसलिए यह पूरे दिन जागरूकता बनाए रखने के लिए सच्चे गैसोलीन के द्रव्यमान की इच्छा रखता है।

दिमाग स्वस्थ रहने के लिए निश्चित की भी मांग करता है। उदाहरण के लिए, ओमेगा-थ्री फैटी एसिड,

के निर्माण और पुनर्स्थापना में सहायता करते हैं, और एंटीऑक्सिडेंट सेल तनाव और संक्रमण को कम करते हैं, जो दिमाग के पुराने और न्यूरोडीजेनेरेटिव विकारों से संबंधित हो सकते हैं, जिसमें अल्जाइमर रोग भी शामिल है।

यह लेख प्रथम श्रेणी के दिमाग के 12 अवयवों के पीछे नैदानिक ​​​​प्रमाण की पड़ताल करता है।

दिमाग तेज़ करने के घरेलु उपाय

1. सही भोजन का सेवन करें

भोजन हमारी ज़िंदगी का एक अभिन्न अंग है जो सीधा असर हमारे शरीर पर भी करता है। जब हम अस्वस्थ भोजन करते हैं तो हमारा शरीर बिमारियों से घिर जाता है और इस बात को आप भी जानते होंगे कि अस्वस्थ शरीर से कुछ सोच पाना और अपने दिमाग का इस्तेमाल कर पाना बहुत मुश्किल है। स्वस्थ भोजन से ना केवल हम तंदरुस्त होते हैं बल्कि साथ ही साथ इससे हमारा दिमाग भी तेज़ होता है। इसिलए हमेशा स्वस्थ भोजन के सेवन का प्रयास करे और बाहर के बने भोजन से दूर ही रहें। नीचे हम कुछ भोजन बताने जा रहे हैं जिनका सेवन करके आप अपना दिमाग तेज़ कर सकते हैं:-

  • जंकफूड और तेल के बने पदार्थों का सेवन ना करें।
  • ज़्यादा से ज़्यादा हरी सब्ज़ियां और फल खाएं।
  • हर रोज़ दूध में शहद को मिलकर पिएं।
  • रात के समय भारी भोजन ना खाएं बल्कि हल्का खाना खाएं।
  • ब्रह्ममी के पत्तों या इसके पाउडर का इस्तेमाल जरूर करें।
  • 5 बादाम और 5 अखरोट के टुकड़ों को रात में भिगोएं और सुबह उठकर इसे अच्छी तरह पीस लें और दूध के साथ इसका सेवन करें।
  • अंडों में काफी सरे ऐसे विटामिन होते हैं जो हमारा माइंड शार्प बनाने में मददगार साबित होते हैं इसलिए अंडों का सेवन जरूर करें।
  • डार्क चॉकलेट भी दिमाग को तेज़ करने में काफी मददगार होता है।

2. रोज़ाना व्यायाम करें

आप सभी को शायद मालूम होगा कि व्यायाम करने से हम हमारे शरीर को बिलकुल फिट रख सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्ययाम करने का सीधा असर हमारे दिमाग पर भी होता है। स्वस्थ शरीर में ही दिमाग सही तरीके से काम करने के सक्षम हो सकता है। इसलिए हम आपको नीचे कुछ व्ययाम बता रहे हैं जिस से आप अपने शरीर और दिमाग दोनों को ही फिट रख सकते हैं।

  • शरीरिक व्यायाम करें।
  • रोज़ाना योग करना दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।
  • हर रोज़ कुछ नया सीखें जिससे आपके दिमाग को शार्प होने में काफी मदद मिलती है।
  • माइंड गेम्स खेलें जैसे शतरंज और पज़ल आदि।
  • हर रोज़ किसी नई समस्या को solve करें जिससे आपका दिमाग समस्या के समाधानों को जल्दी खोजने के लिए माहिर बनेगा।

3. पर्याप्त मात्रा में नींद लें

जब तक हमारी नींद पूरी नहीं होती तब तक हमारा दिमाग उलझन में रहता है और अच्छी तरह से माइंड का इस्तेमाल भी नहीं होता। इसके अलावा अगर हम पर्याप्त नींद नहीं लेते तो हमें स्ट्रेस की समस्या भी हो सकती है। पर्याप्त मात्रा में नींद वह नहीं होती जो आप किसी नींद की दवाई को खाकर लें, बल्कि यह वो होती जो बिना किसी दवाई या स्ट्रेस के हो।

पर्याप्त नींद के लिए आप को हर रोज़ कम से कम 7 से 8 घंटे सोना चाहिए और अपने सोने के समय को एक ही रखें। ऐसा ना करें कि एक दिन 9 बजे सोये हैं और अगले दिन 12 बजे सो गए। इसके अलावा आप दोपहर को आधे घंटे के लिए भी जरूर सोएं जिस से आपका दिमाग तेज़ होता है।

4. रोज़ कुछ समय के लिए गाने सुनें

जी हाँ! शायद यह बात जानकर आपको यकीन ना हो लेकिन गाने सुनकर भी दिमाग तेज़ किया जा सकता है। असल में जब हम अपने पसंदीदा गाने सुनते हैं तो हमारा दिमाग रिलैक्स फील करता है जिससे हमारे दिमाग को अन्य समस्याएं सुलझाने में आसानी होती है। इसीलिए हर रोज़ कुछ समय के लिए अपने मनपसंद गानों को सुनें लेकिन इसे थोड़ा लिमिट में रखें।

5. रोज़ाना सही  मात्रा में पानी पिएं

शोध बताते हैं कि प्यासे लोगों कि तुलना में जिन लोगों ने पानी पी लिया होता है उन लोगों के दिमाग 14 प्रतिशत अधिक काम करते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि अगर आपको किसी परीक्षा में बैठना है या कोई महत्त्वपूर्ण काम के लिए जा रहे हैं तो पानी जरूर पिएं जिससे हम चीज़ें भूलते नहीं।

जब हम कम पानी पीते हैं तो हमारे शरीर में पानी की कमी को हमारा दिमाग पूरी करता है जिसके कारणवश हमारा दिमाग भी कमज़ोर होने लगता है। पानी कि इस कमी को हम इस बात से जान सकते हैं कि जैसे जब हमारे मूत्र का रंग अत्यधिक पीला है तो हमे निश्चित कर लेना चाहिए कि हमें पानी पीने की जरूरत है। इससे बचने के लिए हमें हर रोज़ कम से कम 1.5 लीटर पानी पीना चाहिए।

6. दिमाग तेज़ करने के लिए रोज़ाना करें ध्यान

ध्यान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसकी मदद से हम हमारे दिमाग को शांत और तेज़ कर सकते हैं। ध्यान करने के समय हमें हमारे मस्तिष्क में किसी भी प्रकार के विचार को आने नहीं देना होता बल्कि वर्तमान समय में रहना होता है। ध्यान हर प्रकार से हमारे दिमाग को तेज़ करता है।

शुरू शुरू में हमें यह प्रक्रिया मुश्किल लग सकती है लेकिन बाद में आप के लिए ध्यान लगाना आसान हो जाता है। जब भी आप किसी मनोविज्ञानी के पास चिंता से जुडी समस्या को लेकर जाएंगे तो वह आपको ध्यान (मैडिटेशन) करने की सलाह जरूर देगा। हर रोज़ कम से कम 10 मिनट के लिए मैडिटेशन करें और धीरे धीरे इस प्रक्रिया के समय को बढ़ाते रहें।

7. किताबें पढ़ने आदत डालें

हमारे दिमाग को तेज़ करने के लिए किताबों का अच्छा ख़ासा रोल हो सकता है इसीलिए कहते हैं कि किताबें इंसान की दोस्त होती हैं। हमें हर रोज़ कुछ समय के लिए किताब पढ़नी चाहिए जिससे हमें हर रोज़ कुछ नया सीखने को भी मिलता है और हमारा दिमाग भी तेज़ होता है।

आप किसी किताब को खरीद सकते हैं है जिसे हर रोज़ पढ़ने की रूटीन बना सकते हैं। इसके इलावा इंटरनेट पर भी बहुत सारी किताबें हैं जिन्हें आप मुफ्त में पैसे देकर पढ़ सकते हैं। हर रोज़ किताबों को पढ़कर आपका माइंड शार्प हो सकता है।

8. रोज़ाना कुछ नया लिखें

जब हम कुछ नया लिखते हैं तो हमारी रचनात्मकता में बढ़ावा होता है और वर्तमान की समस्या को हल करने की शक्ति भी बढ़ती है। इसीलिए हमे हर रोज़ कुछ ना कुछ नया जरूर लिखना चाहिए। आप कविता, ईमेल लेटर्स,  लेख,ब्लॉग पोस्ट, नावेल आदि में कुछ भी लिख सकते हैं।

इस बात से कुछ फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या लिख रहे हैं। बस लिखने से आपके मस्तिष्क की गतिविधि को बढ़ावा मिलता है। शुरुआत में आपके लिए यह काम मुश्किल लग सकता है लेकिन धीरे धीरे आप इसके आदि हो जायेंगे और आपको नई नई चीज़ों की रचनाओं में कोई भी परेशानी नहीं होगी।

क्यों होता है दिमाग कमज़ोर?

दोस्तों  अगर  दिमाग तेज़ करने के टिप्स प्राप्त कर चुके हैं तो आपको यह भी जान लेना चाहिए कि दिमाग कमज़ोर क्यों होता है जिससे आप इन चीज़ों से बच सकें और अपने माइंड को शार्प रख सकें। असल में हमारी रोज़ाना की कुछ आदतें होते हैं जिन्हें हम बार बार दोहराते हैं जिसके फलस्वरूप हमारी याददाश्त कमज़ोर होने लगती हैं।

इन आदतों को बदलकर हम अपने माइंड को शार्प रख सकते हैं। नीचे हम कुछ आदतें बता रहे हैं जिनसे आपको बचना चाहिए और अगर आप इनके आदी हैं तो तुरंत आपको इन्हें बदलना चाहिए:-

  • नाश्ता नहीं लेना
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • ज्यादा मीठा खाना
  • धूम्रपान करना
  • जरूरत से ज्यादा खाना

दिमाग कमज़ोर होने के लक्षण

जब हमारा दिमाग छोटी छोटी समस्याओं को सुलझाने में भी ज़्यादा समय लेता है तो आप समझ सकते हैं कि हमारा दिमाग कमज़ोर है। हालांकि इसके कुछ और लक्षण भी हैं जो हम नीचे बताने जा रहे हैं। अगर समय रहते आप यह लक्षण पहचान जाते हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए आपको आसानी होती है।

  • महत्त्वपूर्ण चीज़ों को जल्दी भूल जाना
  • लगातार उदास महसूस करना
  • भय की भावना
  • छोटी छोटी समस्याओं को सुलझाने में कठिनाई
  • भावनाओं को नियंत्रित करने में मुश्किल
  • बात बात पर जल्दी गुस्सा आना और चिड़चिड़ापन

दिमाग तेज़ करने के लिए दवाई

मार्किट में कुछ ऐसी दवाईयां भी उपलब्ध हैं जिनका इस्तेमाल करने पर आप अपना दिमाग कुछ हद तक तेज़ कर सकते हैं। हालांकि इन्हें आपको बिना डॉक्टर की सलाह के बिलकुल नहीं लेना चाहिए। हालाँकि हम निम्न कुछ आयुर्वेदिक दवाईयां बताने जा रहे हैं जिसका आपको कोई भी नुकसान नहीं होगा।

  • दशमूलारिश
  • शंखपुष्पी सिरप
  • हिमालया ब्रह्ममी सिरप
  • देवदर्वड्यारिष्ट
  • ब्रेन टॉनिक
  • माइंड पावर एक्स्ट्रा ब्रेन टॉनिक सिरप

इसके अलावा कुछ और भी टॉनिक हैं जिन्हे आप इंटरनेट पर खोज सकते हैं और डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।