अगर आप भी किसी विद्यालय या कॉलेज में शिक्षक हैं और लॉक डाउन की वजह से ऑनलाइन पढ़ाना पड़ रहा है तो यह खबर आपके ही लिए हैं | अक्सर शिक्षक इंटरनेट से डाउनलोड किया हुआ स्टडी मैटेरियल छात्रों को शेयर कर देते हैं ऐसे में कई बार जल्दबाजी या फिर लापरवाही या किसी और वजह से हम पूरी तरह से जांच नहीं कर पाते कि हम जिस e-content को आगे बढ़ा रहे हैं उसकी प्रमाणिकता क्या है | यह लचर रवैया कितना भारी पड़ सकता है गोरखपुर में हुई घटना इसका उदाहरण है|

क्या है मामला

गोरखपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के कक्षा चार की अध्यापिका ने अंग्रेजी पढ़ाने के दौरान पाकिस्तान का महिमामंडन किया था| पाकिस्तान हमारी मातृभूमि, पाकिस्तानी पायलट और सेना में भर्ती जैसे उदाहरणों के जरिए नाउन को समझाने की कोशिश की थी|

शिक्षिका ने पढ़ाई के दौरान अपने मोबाइल नंबर से पीडीएफ फाइल व्हाट्स एप ग्रुप पर भेजा था। इसमें लिखा था कि मैं भी पाकिस्तान आर्मी ज्वाइन करूंगा( i will join pak army), पाकिस्तान हमारी प्यारी मातृभूमि  (Pakistan is our dear homeland) और पाकिस्तानी पायलट  (Rashid minhas was a brave soldier) बहादुर सिपाही बताया था।

क्लास टीचर के इस कृत्य को अभिभावकों ने पाकिस्तान के पक्ष में बच्चों के  ब्रेनवाश करने की साजिश राष्ट्रद्रोह करार दिया और पूरे मामले की जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी । आरोप है कि क्लास टीचर मासूम बच्चों का ब्रेनवॉश कर रही थीं।

फिर क्या था मामले नें तूल पकड़ लिया|देखते ही देखते खबर मीडिया में छा गयी| शिक्षिका के मुस्लिम होने के कारण मामले नें सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग ले लिया है|

वैसे इस गलती को कोई छोटी मोटी गलती नहीं कहा जा सकता| मामला है भी संगीन |साथ ही शिक्षिका अपनी राष्ट्रभक्ति को लेकर भी सवालों के घेरे में है|

मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय नें जाचं कमिटी बैठा दी|

स्कूल प्रबंधक का कहना है कि शिक्षिका का कृत्य अनुचित है। इसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता है। शिक्षिका का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़ाई के व्हाट्स एप ग्रुप से पाकिस्तान से संबंधित पाठ्यसामग्री को भी हटा दिया गया है।  

लापरवाही या साजिश, गले नहीं उतर रहा शिक्षिका का तर्क, साजिश का इशारा


शिक्षिका ने मीडिया को दिए गए अपने बयान में इंटरनेट से अध्ययन सामग्री को कॉपी करके ग्रुप पर भेजने की गलती स्वीकारी थी, मगर शिक्षिका का ये तर्क स्कूल प्रबंधन के गले नहीं उतर रहा है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि गूगल पर नाउन को सर्च करने के दौरान आसानी से पाकिस्तान से जुड़ा कोई उदाहरण सामने नहीं आता है। यह कृत्य सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं।

डीआईओएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की गई है। यह मामला बेहद गंभीर है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई है। राष्ट्रविरोधी प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसकी गहनता से जांच जरूरी है।  

हालांकि पढ़ाई के दौरान पाकिस्तान के समर्थन में ऐसी बातें कहने वाली शिक्षिका ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन और बच्चों के परिजनों से व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए क्षमा मांगी है।

उन्होंने यह भी कहा कि मैं जानबूझ कर ऐसे वाक्य नहीं लिख सकती। मैं अपने देश से प्यार करती हूं यह गलती लापरवाही की वजह से हुई है।

वहीं स्कूल के निदेशक ने इस पूरे मामले पर कहा कि हमने खन्नाम को अप्वाइंट किया था क्योंकि वो काफी पढ़ी-लिखी थीं। उन्होंने छात्रों को पढ़ाते वक्त विवादास्पद वाक्य लिखे। हमने तुरंत उन्हें नोटिस भिजवाया और जांच के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया है।