चांद के बाद अब सूर्य पर पहुंचेगा भारत का ये मिशन, जानें- ISRO का पूरा प्लान….

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चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद अब भारत की ओर से सूरज पर भी आदित्य-L1 मिशन भेजने की तैयारी शुरू हो गई है. लैंडिंग के बाद इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों के साथ-साथ देशभर की बधाई दुनिया भर में हो रही है.

लोगों के जुबान पर इन वैज्ञानिकों की सराहना के अलावा कोई शब्द नहीं आ रहा है. वहीं अब एक बार और इतिहास रचने की तैयारी में भारत अपना एक और मिशन सूरज पर 2 दिसंबर को भेजने की तैयारी शुरू कर दिया है.

अब यहां पर लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठना होगा कि जब चांद पर चंद्रयान पहुंचने में 40 दिन का समय लग गया तो सूरज पर पहुंचने के लिए इस मिशन को कितना समय लगेगा. क्योंकि पृथ्वी से सूरज की दूरी 15 लाख किलोमीटर है. अगर आप भी ऐसा ही सोचते है तो आइए इसके बारे में जानते है.

इस मिशन का नाम आदित्य L1 क्यों?

दरअसल, सूरज पर भेजे जा रहे इस मिशन का नाम आदित्य L1 रखा गया है. जबकि चांद पर भेजा गया मिशन चंद्रयान 3 के नाम से पहुंचा है. इसरो (ISRO) खुद ही चंद्रयान 3 की तरह इस सॉरी मिशन का नाम आदित्य L1 तय किया है. ऐसा इसलिए सूरज कक्षा लैग्रेंज बिंदु 1 पर सेटेलाइट के जरिए चक्कर लगाया जाएगा. यही वजह है कि इसरो के द्वारा इस शौर्य मिशन का नाम आदित्य एल 1 रखा गया है.

क्या है इस शौर्य मिशन का मकसद ?

इसरो (ISRO) की ओर से कहा गया कि सूर्य पर भेजा जा रहा है यह आदित्य L1 मिशन के जरिए हम सूरज की गतिविधि और वहां पर होने वाले एक्टिविटी का पता लगाएंगे. इसके अलावा हम सूरज की गतिविधियों से पृथ्वी पर होने वाले ग्रहों और उसके असर के बारे में काफी हद तक जानने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा हम अंतरिक्ष पर हो रही गतिविधि के बारे में भी जानने की कोशिश करेंगे. वहीं इसे लेकर कहां जा रहा है कि यह सूर्य पर 110 दिन में यात्रा पूरा करके वापस आएगा.

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