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योग्यता ही है यूपी में नौकरी का एक मात्र मानक :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

ईमानदारी से नौकरी मिलेगी तो काम में होगा समर्पण : सीएम

सिंचाई और जल संसाधन विभाग को मिले 1438 नए जूनियर इंजीनियर, मुख्यमंत्री ने दिया नियुक्ति एवं पदस्थापना पत्र

सभी को मिली मनचाही तैनाती, मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे

लखनऊ, 13 नवम्बर:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जब कोई युवा अपनी ईमानदारी के साथ शुचितापूर्ण और पारदर्शी ढंग से चयनित होता है, तो उसके काम में भी ईमानदारी झलकती है। समर्पण के साथ वह जीवनभर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। लेकिन जब सिफारिश और जुगाड़ से नौकरी मिलती है, तो वही कुत्सित भावना भ्रष्टाचार को जन्म देती है। उत्तर प्रदेश में होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया में शुचिता, ईमानदारी और पारदर्शिता सबसे प्रमुख तत्त्व हैं। जुगाड़ नहीं योग्यता ही चयन का मानक है। आज जो युवा नौकरियां पा रहे हैं, वह योग्य हैं, समर्थ हैं और इस योग्यता और सामर्थ्य का लाभ प्रदेश को मिलेगा।

मुख्यमंत्री गुरुवार को सिंचाई और जल संसाधन विभाग में नवचयनित 1438 नए जूनियर इंजीनियरों को नियुक्ति एवं पदस्थापना पत्र प्रदान कर रहे थे। धनतेरस के विशेष अवसर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे युवाओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने नवचयनित अवर अभियंताओं द्वारा अपने सेवाकाल में देश-समाज की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने का विश्वास जताया।
लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर 05 नवचयनित अवर अभियंताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति और पदस्थापना पत्र प्राप्त हुआ। वहीं विभिन्न जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े चयनित अभ्यर्थियों ने वर्चुअली मुख्यमंत्री का संदेश सुना और स्थानीय प्रतिनिधियों के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त किया।

सिंचाई विभाग की कार्यशैली प्रेरणास्पद:


मुख्यमंत्री ने दशकों से लंबित बाणसागर परियोजना के पूरा होने तथा बाढ़ राहत कार्यों का उदाहरण देते हुए पिछले पौने चार वर्ष में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में जिस लगन और ईमानदारी के साथ काम किया है, वह अन्य विभागों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने नवचयनित अवर अभियंताओं को उनकी महती जिम्मेदारी का आभास भी कराया। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति पा रहे अवर अभियन्ताओं से विभाग को एक नई जनशक्ति प्राप्त होगी और विभाग जनता व कृषकों के प्रति अपने दायित्व को और अधिक तत्परता से पूर्ण कर सकेगा।

इससे पहले, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में एक लम्बे अर्से से अवर अभियन्ताओं की भर्ती न हो पाने एवं कार्मिकों के लगातार सेवानिवृत्त होते जाने के कारण बड़ी संख्या में जूनियर इंजीनियरों की कमी हो गई थी। विभाग के कार्य प्रभावित न हो इसके लिए सरकार द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा 1438 जूनियर इंजीनियरों का चयन किया गया। इसके पूर्व गत वर्ष 394 सहायक अभियन्ताओं तथा 149 सहायक अभियन्ता (यांत्रिक) की भर्ती भी विभाग में इसी प्रकार निष्पक्ष व पारदर्शी प्रकिया अपनाकर लोक सेवा आयोग द्वारा की गई थी।महिला सशक्तीकरण अभियान को सार्थकता देते हुए दिसम्बर 2018 में 73 महिला जूनियर इंजीनियरों की विशेष भर्ती भी विभाग में की गई। जलशक्ति मंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। अपर मुख्य सचिव, सिंचाई टी.वेंकटेश ने मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित जनों को चयन की शुचिता और पारदर्शिता के बारे में विधिवत जानकारी दी।