‘महेंद्र सिंह धोनी’

Dhoni retires

Dhoni retires

एक ऐसा नाम जो न केवल अपने क्रिकेट से बल्कि अपनी शख्शियत से भी उतने ही हुनरमंद ।
एक क्रिकेट प्रेमी देश में पैदा हुआ एक हर 90 के दशक का दर्शक सचिन तेंदुलकर को देखकर क्रिकेट में दिलचस्पी दिखाकर क्रिकेट खेलना या देखना शुरू करता , लेकिन सन 2004 के बाद से क्रिकेट में आया एक ऐसा नाम जिसने एक नए युग की शुरुआत की नाम था ‘महेंद्र सिंह धोनी’
रांची जैसे छोटे शहर से आया लंबे लंबे बालों वाला एक ऐसा विकेटकीपर बल्लेबाज जिसकी टेक्निक बिल्कुल भी अंतराष्ट्रीय स्तर की नही थी जो भी देखता कहता कि इन्होंने कोई प्रॉपर ट्रेनिंग नही ली है सच बात भी थी धोनी गांव शहरों के छोटे छोटे टूर्नामेंट में खेल खेल कर बड़े हुए थे,
विशेषज्ञों में डर था कि कहीं यह गैर परंपरागत तकनीक इनके आड़े न आये साल 2004 जगह ढाका बांग्लादेश विशेषज्ञों का डर सही साबित हुआ धोनी बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए और अगले 4-5 पारियों में भी कमोबेश यही हाल रहा लेकिन तभी आया वो समय जब इनका हुनर इनके बल्ले से बोलने वाला था क्योंकि भले ही तकनीक गैर परंपरागत हो लेकिन हुनर था लाज़वाब
जगह विशाखापटनम बनाम पाकिस्तान धोनी ने वो पारी खेली जो आजतक किसी भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज न खेली हो धोनी ने तीसरे नम्बर पर आकर 148 रन ठोंक डाले,
बस तबसे धोनी ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा लेकिन जिंदगी में उतार चढ़ाव तो प्रकृति का नियम है,

Dhoni retires
A memoir from Amul


2007 का वर्ल्डकप जब भारतीय टीम सुपर 8 में भी जगह नही बना पाई क्रिकेट प्रेमी देश के दर्शक भड़क उठे जगह जगह पोस्टर जलाए गए ,धोनी के घर के बाहर प्रदर्शन हुए,
यह वह दौर था जब सचिन,सहवाग,गांगुली,द्रविड़,जहीर और हरभजन के होते हुए भी टीम सुपर 8 से पहले ही बाहर हो गयी और उसी साल पहली बार T20 का विश्वकप पहली बार दक्षिण अफ़्रीका में होने जा रहा था तमाम सीनियर खिलाड़ियों ने नेतृत्व करने से मना कर दिया था,
तब BCCI और चयनकर्ताओं ने मात्र 3 साल पुराने धोनी को टीम की कमान सौंपी और भेज दिया एक नौसिखिए टीम को प्रथम T20 विश्वकप खेलने,
किसी को भी इस टीम से उम्मीदें नही थी लेक़िन उस टीम ने वो कर दिखाया जो किसी ने आज तक सोचा तक नही हो,विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेकर जहां धोनी कैप्टन कूल बन गए वही पूरे देश और तमाम क्रिकेट जगत को एक नया सितारा मिल गया अभी तक केवल आक्रामक खेलने वाले धोनी अब कप्तानी पारी खेलने लगे 6वें 7वें नम्बर पर आकर टीम की नैया पार कराने लगे और दुनिए के बेस्ट फिनिशर बन गए तकनीक अभी भी वही थी ग़ैर परम्परागत लेकिन धोनी के बल्ले से निकलने वाले हेलीकॉप्टर शॉट्स को पूरी दुनिया ने देखा यॉर्कर गेंदों पर ज़मीन से खोदकर छक्का लगाया देने वाले धोनी को लोग देख आश्चर्यचकित होने लगे ,

साल 2011 का वर्ल्डकप जगह वानखेड़े मुंबई बनाम श्रीलंका वह अंतिम कालजयी, विश्वविजयी छक्का नुवान कुलशेखरा की वह ओवर पिच गेंद जिसे धोनी ने दर्शक दीर्खा में पहुंचते तक ऐसे देखा मानो जैसे सालों इसी लम्हे का इंतजार किया हो उन्होंने जैसे ही गेंद दर्शकों के पास गिरी धोनी ने बल्ला लहराया लेक़िन उस लहराने में वही संयम था जो उनके आंखों में दिख रहा था उस ज़माने में जिस जमाने मे एक आध छक्के ,अर्धशतक और शतक लगा लेने पर युवा अपने बल्ले को ऐसे भांजता हो मानों कोई जंग जितने के बाद तलवार भांज रहा हो,
लेकिन धोनी के चेहरे की स्वीकार्यता यह दर्शा रही थी कि यह इंसान किसी और ही मिट्टी का बना है चेहरे पर कोई दम्भ नही कोई आक्रामकता नही सिर्फ वही Cool, Calm और compose चेहरा जिसमें 115 करोड़ देशवासियों के सपनों का बोझ उतर जाने जैसा रिलीफ़ नजर आता हो .

अब बात शख्शियत की तो इतने बड़े बड़े कारनामें करने के बाद भी धोनी कभी मीडिया में आकर सनसनी नही फैलाते थे उनको जीत से नही खेल से मतलब था उनके किये जीत हार नही बल्कि प्रोसेस मायने रखता था ICC की तीनों ट्रॉफियां जितने के बाद अक्सर ग़ायब हो जाया करते थे पहुंच जाते थे अपने घर और अपनों के बीच ,विवादों से नाता तो रहा लेकिन कभी कोई मीडिया आउटरेज नही दी न कभी कोई पब्लिसिटी स्टंट जब भी समय मिलता पहुंच जाते देश के पहरेदारों के बीच सेना ने भी उनका ख़ूब सम्मान की उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि प्रदान की धोनी अक्सर अपने नीले भारतीय परिधान के अलावा सेना के टी शर्ट्स और जैकेट्स पहने दिख जाते सेना के प्रति सम्मान का भाव कूट कूट कर भरा है उनके में

और आज जब सन्यास का समय चुना तो वो भी दिन ऐतिहासिक 15 अगस्त आजादी दिवस,

आज भी न कोई प्रेस मीट न फेयरवेल मैच की मांग बस एक पोस्ट कर दिया और कहा
‘मैं पल दो पल का शायर हूँ’

साथ में एक वीडियो जिसमें उन्होंने अपने कैरियर के हर उस लम्हे को और हर उस शक्श को जगह दी जो उनके लिए महत्वपूर्ण थे , अगर आप ग़ौर से उस वीडीओ को देखें तो आपको समझ में आएगा धोनी ने उन लोगो को भी अपने वीडीओ में शामिल किया जिनसे अक्सर हम और आप तथा मीडिया ने अनबन की बातें कही चाहे वो गांगुली हो लक्ष्मण,गंभीर या सहवाग सभी के साथ फोटोज़ शेयर कर धोनी ने बताया दिया कि उनके लिए देश पहले था बाद में कोई व्यक्तिगत शख्शियत ,

यह सच है कि कई खिलाड़ी आएंगे जाएंगे लेकिन विकेट्स के पीछे से मैच पलटने वाला ऐसा क्रिकेटर सदियों में ही आ पाते हैं ।

#ThankYouDhoni

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