आखिर भारत के नक्शे पर श्रीलंका को क्यों दर्शाया जाता है? 99% लोग नहीं जानते वजह…

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डेस्क : ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी को घर बैठे देश के बारे में जानना हो तो देश का नक्शा देखना चाहिए। जो बच्चे पढ़ना-लिखना चाहते हैं या जो लोग घूमने-फिरने के शौकीन हैं, उन्हें भी नक्शा देखने में रुचि होती है। आपने भी भारत का नक्शा (Map) एक बार तो जरूर देखा होगा।

इसमें सबसे गौर करने की बात यह है कि जब हम भारत के दक्षिणी राज्यों को ध्यान से देखते हैं तो हमें समुद्र से सटा हुआ श्रीलंका (Sri lanka) दिखाई देता है। अब सोचने वाली बात यह है कि भारत के कई पड़ोसी देश हैं लेकिन नक्शे में केवल श्रीलंका को ही क्यों दिखाया गया है। तो चलिए आज हम इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका को भारतीय मानचित्र के साथ दिखाने के पीछे का कारण समुद्री कानून है। अगर भारत के नक्शे के साथ श्रीलंका को नहीं दिखाया जाता तो यह कानून का उल्लंघन होता। इसी कारण से भारत के हर आधिकारिक मानचित्र में श्रीलंका को दर्शाया जाता है।

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र में समुद्री कानून को मंजूरी मिल गई है। इसके मुताबिक, अगर किसी देश की सीमा समुद्र से जुड़ी है तो 200 समुद्री मील यानी करीब 370 किलोमीटर का समुद्री इलाका उस संबंधित देश की सीमा में आता है। इस इलाके में संबंधित देश की नौसेना तैनात रहती है.

इस प्रकार भारत की इस समुद्री सीमा में श्रीलंका भी आता है। दरअसल भारत के धनुषकोटि से श्रीलंका की दूरी सिर्फ 18 किमी है। इस कारण समुद्र के कानून के अनुसार भारत के लिए भी श्रीलंका को अपने मानचित्र में दिखाना अनिवार्य हो जाता है।

1956 में संयुक्त राष्ट्र ने समुद्री कानून के सम्बन्ध में एक प्रस्ताव स्वीकार किया। इस सम्मेलन में कई देशों ने भाग लिया। इस सम्मेलन में समुद्री सीमा और उससे जुड़ी तमाम संधियों और समझौतों को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा हुई। इसके बाद यह चर्चा कई दिनों तक चलती रही। फिर 1973 से 1982 के बीच हुई तीसरी बैठक में इस कानून को मंजूरी दी गई.

इस दौरान कई अन्य समुद्री कानूनों को भी मंजूरी दी गई। इन कानूनों के तहत किसी भी देश को अपनी बेसलाइन से समुद्र के नीचे 200 नॉटिकल मील की दूरी तक की चीजें दिखाना अनिवार्य है। ऐसे में श्रीलंका भी भारत के समुद्री क्षेत्र में आता है और इसलिए इसे मानचित्र में दिखाया गया है।

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